देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा, 'पत्रकार वेलफेयर स्कीम' में हुआ संशोधन
देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा, 'पत्रकार वेलफेयर स्कीम' में हुआ संशोधन

TOC NEWS @ www.tocnews.org


खबरों और जिले, तहसील की एजेंसी के लिये सम्पर्क करें : 98932 21036


केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए 'पत्रकार वेलफेयर स्कीम' में संशोधन कर दिया है। यह देशभर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए इस स्कीम को फरवरी 2013 में लागू किया गया था। अब इसमें संशोधन किया गया है, जिसका फायदा सभी जर्नलिस्ट्स ले सकेंगे।


यदि किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर वह विकलांग हो जाता है, तो इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार उसके आश्रितों को 5 लाख रुपए की सहायता देगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।


इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है, जिसके संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। वहीं, विभाग के सचिव अध्यक्ष, प्रधान महानिदेशक, एएस एंड एएफ, संयुक्त सचिव समिति के सदस्य हैं। वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य संयोजक हैं।


इसे भी पढ़ें :- RBI ने बंधन बैंक और जनता सहकारी बैंक पर लगाया एक करोड़ रुपये का जुर्माना


इस समिति का काम होगा कि ये पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करे तथा उसके मुताबिक आर्थिक सहायता देने का फैसला ले। इस योजना के तहत एक अच्छी बात यह है कि इसमें केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है।


यह योजना पत्रकारों से संबंधित 1955 के एक अधिनियम "Working Journalists and other Newspaper Employes (Condition of service) And Miscellaneous Provision Act 1955" के तहत पत्रकार की श्रेणी में आने वाले देशभर के जर्नलिस्ट्स पर लागू किया गया है।


इसे भी पढ़ें :- महिला के साथ आपत्ति जनक अवस्था मे पकड़ाया बीएमओ, ग्रामीणों ने की पिटाई


वेब और टीवी जर्नलिस्ट्स को भी होगा लाभ


वहीं, इस योजना का लाभ टेलीविजन और वेब जर्नलिस्ट्स भी ले सकेंगे। न्यूज पेपर्स के बाद टेलीविजन जगत में क्रांति आई और टीवी न्यूज चैनल्स की शुरुआत हुई, वहीं, अब वेब जर्नलिज्म का जमाना आ गया है और वेब पर भी पत्रकारिता की जा रही है।


इसके साथ ही सभी न्यूज पेपर्स के एडिटर, सब एडिटर, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो जर्नलिस्ट, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी स्कीम के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ लेने की शर्त यह है कि कम से कम 5 साल तक पत्रकार के रूप में सेवाएं दी गई हों। स्कीम के तहत यह जानकारी भी दी गई है कि एक से पांच लाख की सहायता किन परिस्थितियों में पीड़ित पत्रकार या उनके परिजनों को दी जाएगी।


इसे भी पढ़ें :- RBI ने बंधन बैंक और जनता सहकारी बैंक पर लगाया एक करोड़ रुपये का जुर्माना


अधिक जानकारी के लिए - http://pib.nic.in/prs/JWSguidelinesEnglish.pdf?Sel=17&PSel=2 इस लिंक पर जा सकते हैं।
अथवा
महानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, 'ए' विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली -110001 से भी संपर्क किया जा सकता है।


जिन पत्रकारों या उनके परिजनों को सहायता चाहिए, वे विहित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं। तीन पृष्ठों के इस फॉर्म का नमूना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पत्र सूचना ब्यूरो) की वेबसाइट pib.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं।


Popular posts
ग्रेसिम उद्योग के विस्तारीकरण के पूर्व 7 सूत्रीय मांग पत्र उद्योग चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजकर उठाई मांग
Image
जनसंपर्क विभाग के लोक सूचना अधिकारी श्रवण कुमार सिंह उपसंचालक ( विज्ञापन ) का षड्यंत्र विफल, राज्य सूचना आयोग का आदेश जानकारी एक माह में दे ऑल इंडिया स्माल न्यूज पेपर एसोसिएशन ( आइसना ) के सही मालिक को
Image
सरकार और किसानों के बीच नहीं बनी सहमति, 3 दिसंबर को फिर होगी बातचीत, जारी रहेगा प्रदर्शन
Image
प्रधान मंत्री रोजगार योजना को विफल करते बैंक अधिकारी ऋण दलाल और बैंक अधिकारी कर रहे काली कमाई
Image
यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम ने मांगी जमानत, बोला- 80 साल का वृद्ध हूं, कोर्ट ने याचिका पर किया यह निर्णय
Image