जनसंपर्क अधिकारी रावत स्थानांतरित व कार्यमुक्त होने के बाद भी नहीं छोड़ रहे कुर्सी
श्री बी.एस. रावत, सहायक संचालक

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कार्यमुक्त होने के उपरांत पुनः ज्वाइनिंग नहीं करने से वेतन कैसे आहरित होगा??



धार। जिला जनसम्पर्क अधिकारी को राज्य सरकार ने नवंबर माह में धार जिले से आगर मालवा जिले में स्थानांतरित कर दिया था और जिला प्रशासन ने जनसंपर्क अधिकारी को आदेश के पालन में तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त भी कर दिया था। 


कार्यमुक्त होने के बाद जनसंपर्क अधिकारी रावत ने माननीय न्यायालय की शरण ली। माननीय न्यायालय से स्थगन आदेश भी मिल गया। ऐसा लगता है कि जनसंपर्क अधिकारी रावत ने माननीय न्यायालय को कार्यमुक्त होने के संबंध में गुमराह कर असत्य जानकारी दी होगी!! स्थगन आदेश प्राप्त करने के बाद आज भी जनसंपर्क अधिकारी के पद पर धार में पदस्थ हैं।


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कार्यमुक्त होने के बाद पुनः दोबारा ज्वाईन नहीं किया तो वेतन कैसे आहरित होगा?


जनसंपर्क अधिकारी रावत धार से स्थानांतरित होने के बाद आगर मालवा के लिये कार्यमुक्त कर दिये गए थे। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माननीय न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद पुनः दोबारा ज्वाईनिंग नहीं दी। और माननीय न्यायालय के आदेशानुसार पुनः कार्य स्थल पर कार्य कर रहे है। सवाल यह है कि कार्यमुक्त होने के बाद पुनः अपने कार्य स्थल ज्वाईन होने की सूचना नहीं देने के कारण अब वेतन कैसे आहरित होगा?


विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रावत ने जनसंपर्क कार्यालय भोपाल को आवेदन प्रस्तुत कर झाबुआ पदस्थापना की मांग की थी किन्तु जनसंपर्क भोपाल के द्वारा कोई राहत नहीं देते हुए स्थानांतरित स्थान पर जाने के निर्देश दिये हैं।


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जनसंपर्क अधिकारी अपने कार्य के प्रति लापरवाह बने हुए हैं?


जनसंपर्क अधिकारी पत्रकार व प्रशासन के बीच की कड़ी है और इनके द्वारा प्रशासनिक कार्यों की जानकारी व समाचार निर्धारित समय पर नहीं दिये जाते हैं। जनसंपर्क अधिकारी का कार्य एवं व्यवहार भी संतोषजनक नहीं है। कोई जानकारी पूंछने पर संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता हैं। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नर्मदा घाटी व पर्यटन मंत्री के निर्देश पर माण्डू उत्सव का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में आने जाने के लिए मीडिया को निर्धारित समय व स्थान जानकारी नहीं दी गई। और न ही कार्यालय द्वारा बहुत ही कम समाचार जारी किए गए।


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माण्डू उत्सव के दौरान बाहर से आये हुए पर्यटक भी परेशान होते रहे और कार्यक्रम कब और कहाँ आयोजित किये जा रहे हैं जानकारी के अभाव में काफी परेशान रहे। माण्डू उत्सव कार्यक्रम का प्रचार प्रसार उचित तरीके से नहीं होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई जिसकी समस्त जिम्मेदारी जनसंपर्क अधिकारी की रही। जनसंपर्क अधिकारी रावत पूर्ववर्ती जिलों में भी इनका कार्य एवं व्यहवार संतोषजनक नहीं रहा है और विवादस्पद रहे हैं।


जिम्मेदार क्या बोले


जब इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी रावत का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने मोबाईल फोन रिसीव नहीं किया।


जनसंपर्क अधिकारी


श्री रावत


जिला धार


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