बुलबुल के पिता को भी बनाया सहआरोपी, पिता काे थी नकली नाेट के बारे में जानकारी
बुलबुल के पिता को भी बनाया सहआरोपी, पिता काे थी नकली नाेट के बारे में जानकारी 

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567


नागदा जं.। नकली नाेट छापकर चलाने वाली प्रकाशनगर निवासी बुलबुल के पिता घनश्याम परमार काे भी पुलिस ने गुरुवार काे सह-आराेपी बना लिया है। पुलिस के मुताबिक आराेपी बुलबुल के लेपटाॅप का इस्तेमाल उसके पिता घनश्याम परमार द्वारा भी किया जाता था।


घनश्याम परमार काे बुलबुल के नकली नाेट छापने और बाजार में चलाने की जानकारी थी। उसके बाद भी उसे शह दी, जिस वजह से वह लगातार नकली नाेट छापकर चलाती रहीं। इस आधार पर पुलिस ने घनश्याम परमार काे भी मामले में सह आराेपी बनाया है।


उज्जैन से खरीदे थे पुलिस के बैच, जूते, बेल्ट आराेपी बुलबुल ने 2017 में एफडीआई का फर्जी आईडी और इसके बाद मप्र पुलिस के एसआई का फर्जी आईडी बनाया था। वर्दी सिलाकर उसने उज्जैन से पुलिस के जूते, बेल्ट, बेच खरीदे थे। गुरुवार काे पुलिस आराेपी बुलबुल काे लेकर उज्जैन और इंदाैर गई थी। जहां तफ्तीश के बाद पुलिस उसे शहर लेकर आई। शहर में बुलबुल ने जहां-जहां नकली नाेट चलाए, पुलिस उसे वहां लेकर पहुंची।


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दुकानदाराें से बयान दर्ज किए और आराेपी बुलबुल से भी जानकारी ली। पीएससी, यूपीएसी, एसएससी की परीक्षा दी बुलबुल ने तीन विषयाें में मास्टर डिग्री की है। उसने पीएससी, यूपीएसी, एसएससी की परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा देने के बाद भी सफलता नहीं मिली, तब उसने वर्दी सिलवाकर अपनी फर्जी आईडी कार्ड बनाया। इसके बाद नकली नाेट व फर्जी अंकसूची बनाई। पुलिस ने उसके पिता काे सह अाराेपी बनाया है, लेकिन अभी भी पुलिस काे उसकी काॅल डिटेल का इंतजार है। जिससे यह पता चल सके कि वह किसी गिराेह या अन्य व्यक्ति के संपर्क में ताे नहीं थी।


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फर्जी अंकसूची पर मिला भावना का नाम पुलिस काे बुलबुल के घर से फर्जी अंकसूची मिली थी, जाे कम्प्यूटर काेर्सेस की थी। बुलबुल ने 2013-2014 में ही शहर के एक कम्प्यूटर सेंटर से काेर्स किया था। उस अंकसूची से अपने नाम की जगह अन्य का नाम लगाकर फर्जी अंकसूची बनाई। इस पर भावना साेलंकी का नाम लिखा है। पूछताछ में बुलबुल ने बताया कि उसे किसी तीसरे व्यक्ति ने अंकसूची की जरूरत बताई थी।


जिस पर उसने फर्जी अंकसूची बनाने की काेशिश की थी, लेकिन वह सही तरीके से बन नहीं पाई। इसलिए अंकसूची के दस्तावेज घर पर ही रह गए। पुलिस अब भावना सहित तीसरे व्यक्ति की भी तलाश कर रही है।


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थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा का कहना है की मामले में आराेपी बुलबुल के पिता घनश्याम परमार काे सह आराेपी बनाया गया है। बुलबुल के लैपटॉप की जांच में पता चला कि उसके पिता भी लैपटॉप का उपयोग करते थे। यानि उसके पिता काे नकली नाेट के बारे में पता था, उसके बाद भी उसे राेका नहीं गया। इसलिए उसके पिता काे सह आराेपी बनाया गया है।`


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