दैनिक भास्कर के सीनियर फोटोग्राफर और पत्नी पर फर्जी स्टाम्प और फर्जी अनुबंध धोखाधड़ी का मामला दर्ज
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दैनिक भास्कर का फोटोग्राफर संजय राठौर व पत्नी ने 15 लाख का फर्जी स्टाम्प तैयार कर विकलांग राजेन्द्र तिवारी को बनाया शिकार



 


जबलपुर। ओमती पुलिस ने फर्जी स्टांप मामले में 15 लाख की लेनदेन का अनुबंध दर्शाकर एक कथित व्यक्ति को ब्लैकमेल करने पर प्रेस फोटोग्राफर संजय राठौर, निशा राठौर सहित तीन के खिलाफ रविवार को धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा व साजिश रचने का प्रकरण दर्ज किया गया।


जांच अधिकारी एसआई सतीश झारिया के अनुसार चंद्रकाँचल अपार्टमेंट गढ़ा में रहने वाले निवासी राजेंद्र तिवारी का माढ़ोताल में एक प्लाट है। 15 जून 2007 को उसके फर्जी हस्ताक्षर से 50-50 रुपये के विक्रय अनुबंध पत्र नोटराइज कर बनाया गया अनुबंध पत्र में उक्त प्लाट के एवज में 15 लाख रुपए देना लार्डगंज कछियाना निवासी प्रेस फोटोग्राफर संजय राठौर की पत्नी निशा राठौर द्वारा दर्शाया गया।


संजय राठौर प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए निशक्त को करने लगा ब्लैकमेल, विकलांग राजेंद्र तिवारी ने पुलिस से की गिरफ्तारी की मांग



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शिकायतकर्ता राजेन्द्र तिवारी का आरोप है कि उनके बीच इस तरह का कोई लेन देन हुआ ही नहीं है। अनुबंध के आधार पर दलाल संजय राठौर ब्लैकमेल कर रहा है। और 15 लाख रुपए लौटाने या प्लाट की रजिस्ट्री कराने का दबाव डाल रहा है। एस.आई. झारिया ने बताया कि अनुबंध के लिए स्टांप, वेंडर दिनेश चंद्र जैन से खरीदे थे, स्टांप का जो क्रमांक है वह 608147 और 630878 की जांच की गई तो पता चला कि, यह 10-10 रुपये वाले स्टांप का यह नंबर है और यह स्टांप सुरेश कुमार वर्मा और केडीएफ परमार के नाम से जारी हुआ है।





निक भास्कर का फोटोग्राफर संजय राठौर व पत्नी ने 15 लाख का फर्जी स्टाम्प तैयार कर विकलांग राजेन्द्र तिवारी को बनाया शिकार



 


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अनुबंध में जो स्टांप प्रयोग में लाया गया है वह किसी भी सरकारी रिकार्ड में दर्ज नहीं है।अथवा फर्जी है। अनुबंध पत्र में एक गवाह है संजय राठौर वहीं दूसरा गवाह राजकुमार तिवारी को बनाया गया। इस नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं है। नोटरी शांति नगर निवासी रमेश कुमार दुबे द्वारा तैयार करना बताया गया है, जबकि उन्होंने अनुबंध पत्र निष्पादित करने की कोई भी बात से इनकार कर दिया है।


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