FDI से गेहूं खरीदी के टेंडर के नाम पर 12 करोड़ 89 लाख की धोखाधडी



FDI से गेहूं खरीदी के टेंडर के नाम पर 12 करोड़ 89 लाख की धोखाधडी




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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567




नागदा. व्यापार विस्तार एवं एफडीअाई द्वारा गेहूं खरीदी के टेंडर लेने के नाम पर 12 कराेड़ 89 लाख रुपए की धाेखाधड़ी के मामले में जावरा सिटी पुलिस पूछताछ के लिए नागदा के फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड एवं खल कपास्या व्यापारी शंभू पाेरवाल काे जेल से लेकर शुक्रवार काे शहर पहुंची।




यहां जांच के नाम पर जावरा पुलिस मामले में सह अाराेपियो के साथ ही शहर की सैर करते नजर अाई। यहां तक की धाेखाधड़ी के मामले में नामजद तीन अन्य अाराेपी भी जावरा पुलिस के सामने ही खड़े रहे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार तक नहीं किया गया। देर शाम तक दस्तावेजाें की पड़ताल कर जावरा पुलिस लाैट गई।




जावरा सिटी थाने के एसअाई राजेश मालवीय के साथ दाे अारक्षक अाराेपी शंभू पाेरवाल काे लेकर शुक्रवार दोपहर जवाहर मार्ग स्थित दुकान किसान बाजार पर पहुंची थी। यहां दस्तावेजों की जांच के दाैरान ही शंभु पाेरवाल का चचेरा भाई कन्हैयालाल प्यारचंद फर्म प्राेपाइटर गाेपालकृष्ण पाेरवाल, चाचा सुरेंद्र कुमार कन्हैयालाल फर्म प्राेपाइटर सुरेंद्र पाेरवाल, कैलाशचंद कन्हैयालाल फर्म संचालक जगदीश पाेरवाल भी माैजूद थे। यह तीनाें भी करोड़ों की धाेखाधड़ी मामले में सह अाराेपी हैं। इन अाराेपियो के सामने खड़े हाेने के बाद भी इनकी गिरफ्तारी करने की जगह पुलिस टीम मात्र दस्तावेजाें की जांच कर लाैट गई। 





धाेखाधड़ी के मामले में जावरा पुलिस किस तरह जांच कर रही है, यह बात इससे ही साबित हाे रही है कि जांच अधिकारी एसअाई राजेश मालवीय बाकायदा अाराेपी की कार में ही शहर की सैर करते नजर अाए। किसी भी मामले मे जांच के लिए शहर से बाहर जाने पर पुलिस विभाग किराए के वाहन अथवा सरकारी वाहन से तफ्तीश के लिए जाते हैं, लेकिन यहां निजी कार के अलावा जांच टीम के अधिकारी मालवीय अाराेपी शंभू पाेरवाल के नाम से रजिस्टर्ड कार में ही अाराेपी गाेपाल कृष्ण पाेरवाल के साथ घूम रहे थे।




शहर की सैर के दाैरान जांच टीम अाराेपी शंभू पाेरवाल व गाेपाल कृष्ण पाेरवाल के साथ ही रांगाेली हाेटल पर भी पहुंचे। जहां अाराेपी शंभू पाेरवाल बेधड़क बाहर ही दाे अारक्षको के साथ खड़ा हाेकर बाते करता रहा अाैर जांच टीम अधिकारी मालवीय अंदर बैठे रहे। मिडिया टीम काे देखने के बाद यहां से अाराेपी काे अलग कार मे लेकर रवाना हाे गए।



मामला एक नजर मे



जावरा के ताल नाका निवासी मंडी व्यापारी माेहम्मद इरफान ने विजय पाेरवाल काे व्यापार विस्तार के नाम पर 12 कराेड़ 89 लाख रुपए दिलवाए थे। जिसमें कुछ समय तक मुनाफा कमाकर दिया गया, लेकिन बाद में राशि का गाेलमाल हाे गया। जब फरियादी ने विजय काे बार-बार रुपए का कहा गया ताे उसने टालमटाेल कर दी। इस पर माेहम्मद इरफान ने पुलिस में शिकायत की थी। जांच में पता चला कि विजय पाेरवाल ने 5 साथियाें के साथ राशि का व्यवसायिक उपयाेग किया। जिसमें  नागदा का शंभू पाेरवाल भी शामिल था।




इसकी 5 फर्म के नाम से 5 कराेड़ का लेन-देन हुअा, लेकिन जाे बिल लगाए गए थे, वह फर्जी थे। इसे लेकर जावरा पुलिस ने शंभू के साथ उसकी पत्नी पिंकी पाेरवाल, सुरेंद्र पाेरवाल, गाेपाल कृष्ण पाेरवाल, जगदीश पाेरवाल काे भी अाराेपी बनाया था। शंभू पाेरवाल पर 10 हजार रुपए का इनाम घाेषित हाेने के बाद उसे गिरफ्तार कर 8 मार्च काे जेल भेज दिया गया था। पूछताछ के लिए पुलिस 12 मार्च काे ही जेल से उसे पुलिस रिमांड पर लेकर अाई थी।



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