जर्मनी की बहुराष्ट्रीय कंपनी लैंक्सेस इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड के एच.आर. हेड पर मुकदमा दर्ज
जर्मनी की बहुराष्ट्रीय कंपनी लैंक्सेस इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड के एच.आर. हेड पर मुकदमा दर्ज

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567



तीन धाराओं मे हुई एफ.आई.आर. 188,269 एव 270 भादवि.



नागदा जं.। औद्योगिक शहर नागदा मे स्थित जर्मन की बहुराष्ट्रीय कंपनी लेन्सेक्स इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड के एच.आर.डी. हेड पिंटू दास को कोविड 19 कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलाने के मामले में अनदेखी करने पर कानूनी शिंकजे में उलझ गए।


सामान्य व्यक्ति इस तरह की लापरवाही करे तो समझ मे आता है परंतु पढ़े लिखे समझदार जर्मनी की कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी अपनी जान जोखिम मे डाल कर बिना अनुमति के एक ऐसे शहर मे आना जाना कर रहे थे जो कोरोना संक्रमण के लिये पूरे देश मे चर्चित हो गया है।


किसकी अनुमति से इंदौर गये यह जांच का विषय है। और गये तो किसी ने रोका क्यो नही जबकी हर जगह नाकाबंदी की गई है


बिड़लाग्राम थाना में पिन्टू दास के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। शहर पुलिस अधीक्षक मनोज रत्नाकर के मुताबिक पिंटू दास पिता स्वर्गीय शिबा प्रसाद के खिलाफ भादवि की धारा 188, 269 एवं 270 में प्रकरण दर्ज किया गया। यह कायमी अपराध क्रमांक 111/ 20 पर पंजीकृत कीया गया । श्री रत्नाकर के कथनानुसार नायब तहसीलदार सलोनी पटवा द्वारा पिंटू दास के खिलाफ आवेदन पेश किया गया है। आवेदन के माध्यम से यह बताया गया है कि पिंटू दास बिना अनुमति के नागदा से इंदौर गए और वापस आए।


तहसीलदार के दीये गये आवेदन के आधार पर यह कार्यवाही धारा 144 के उल्लघंन करने एव जीवन संकट पूर्ण कोरोना वायरस रोग संक्रमण फैलाने के आरोप में की गई है। वही अखिल भारतीय असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चौरसिया की शिकायत पर मानव अधिकार आयोग में प्रकरण गौरतलब है। कुछ दिनों पहले इसी लेन्सेक्स इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ मानव अधिकार आयोग में मजदूरों को धमकाने तथा नौकरी से निकालने के आरोप में नई दिल्ली में आयोग मे शिकायत पंजीकृत हुई है।


वीडियो ख़बर  इनका कहना है :-- मनोज रत्नाकर, सीएसपी, नागदा


वही दुसरी तरफ मजदूर नेता भवानीसिंह शेखावत ने भी लैंक्सेस कंपनी में मजदूरों को नौकरी से निकालने की धमकी देने तथा कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर बिड़ला ग्राम थाने मे तथा अनुविभागीय अधिकारी नागदा को शिकायत दर्ज कराई है।


सुत्रो से मिली जानकारी अनुसार पिंटु दास कई बार इंदौर जा कर आए है । किससे अनुमति लेकर गए है इसकी जानकारी नहीं लग पाई है । जबकी शहर से बाहर जाने के लिए विशेषकर उज्जैन , इंदौर जाने के लिए सिर्फ एसडीएम ही अनुमति देते है । जब एसडीएम ने अनुमति नहीं दी तो फिर किसकी अनुमति से वह इंदौर गए है ।


एक व्यक्ति ने इंदौर से आकर कोरोना को दिखा दिया की शहर इंदौर क्या है । नई दिल्ली क्षेत्र के एक व्यक्ति की गलती के कारण शहर में कोरोना ने पैर पसार लिए है उस एक व्यक्ति के कारण लगभग 9 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटीव आ गई है। ऐसे में जर्मनी से संचालित होने वाले लैक्सेंस उद्योग के वरिष्ठ अधिकारी एचआर हेड पिंटु दास बार - बार इंदौर के चक्कर लगा रहे है । जबकी कोरोना वायरस यह नहीं देख रहा है की यह अधिकारी है या मजदुर । भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव कई आईएस व आईपीएस अधिकारी इसकी चपेट में आ चुके है । इसके बाद भी पिंटुदास का इंदौर आना - जाना बंद नही हो रहा है ।


जब सीमाएं है सिल तो कैसे पहुंच गए दास इंदौर


सबसे बड़ी बात तो यह है की नागदा से उज्जैन की सभी सीमाएं पूरी तरह सील की गई है । इंदौर में प्रवेश करने के लिए अनुमति का होना अती आवश्यक है । तो पिटुदास इंदौर कैसे पहुंच गए । एसडीएम ने तो अनुमति दी नही तो फिर उनके पास अनुमति आई कहा से। इसको लेकर एसडीएम भी आश्चर्यचकित है । उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले में जांच के आदेश दे दिए है । यदि अनुमति पास सही है तो कोई बात ही नही यदि कोई गड़बड़ी निकली तो नियम तोड़ने वाले अधिकारी के खिलाफ भी होगी कड़ी कार्यवाही ।


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