बीमार, दिव्यांग, मनरेगा श्रमिक सभी तक पहुंचकर उन्हें उनकी रकम देकर बैंक सखियों ने निभाया फर्ज



बीमार, दिव्यांग, मनरेगा श्रमिक सभी तक पहुंचकर उन्हें उनकी रकम देकर बैंक सखियों ने निभाया फर्ज




TOC NEWS @ www.tocnews.org




जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़  // उत्सव वैश्य : 9827482822 




  • मुश्किल घड़ी में बैंक सखियों ने निभाया फर्ज, घरों तक जाकर पहुंचायी राशि

  • पिछले ढ़ाई महीनों में 7 करोड़ 87 लाख रुपए का किया भुगतान



रायगढ़, मुश्किल हालातों का सामना करने में अपनी जमा पूंजी बड़ा काम आती है। लेकिन हालात जब ऐसे हो कि बैंक में जमा की गयी राशि निकालना में शारीरिक असमर्थता आड़े आये तो समस्या विकट हो जाती है। किन्तु ऐसे समय जब बैंक घर पर ही आकर पैसे दे जाये तो उससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती।




धरमजयगढ़ विकासखण्ड की रामकुंवर चौहान जिनकी तबीयत कुछ ऐसी बिगड़ी की बिस्तर से उठना दूभर हो गया। इलाज चालू हुआ और घर पर ड्रिप लगने लगी। इलाज के साथ अच्छी देखभाल के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। लॉक डाउन से माली हालत भी सही नहीं थी। ऐसे में बैंक सखी तीमसी पटेल रामकुंवर चौहान के घर पहुंची और अपना लैपटाप तथा पीओएस मशीन चालू किया, रामकुंवर चौहान के हाथ सेनेटाईज कर अंगूठे से बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया और वृद्धा पेंशन के साढ़े तीन हजार रुपए तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना के 500 रुपए मिलाकर कुल 4 हजार की राशि रामकुंवर को सौंप दी। राशि मिलने से बीमार रामकुंवर के आंखों में आयी चमक यह बताने के लिए काफी थी कि ऐसी मुश्किल घड़ी में घर पर ही पैसे मिल जाने से उन्हें कितनी राहत महसूस हो रही थी।




ठीक इसी तरह पुसौर विकासखण्ड के बाघाडोला गांव में रहती है केकती देहरी जिनकी उम्र लगभग 65 वर्ष के करीब होगी। केकती दृष्टिबाधित दिव्यांग है और देख नहीं सकती है। जिससे उनके लिए चलना-फिरना व कही बाहर आना-जाना काफी कठिन हो जाता है। इस गांव में बैंक सखी के रूप में काम करने वाली सुषमा गुप्ता, केकती के घर जाकर उन्हें विकलांग पेंशन की राशि सौंप आयी। केकती देहरी के लिये घर पर ही पेंशन की राशि मिलना सुकुन की बात रही।




बैंक सखियों ने इसके साथ ही मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों को किये जाने वाला भुगतान भी उनके कार्यस्थल पर जाकर ऑन स्पॅाट पेमेन्ट किया है। इस दौरान उन्होंने कोरोना के लिए जारी सुरक्षात्मक उपायों का बखुबी पालन किया। पहले श्रमिकों के हाथ धुलवाकर या सेनेटाईज करवाकर ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर उनको भुगतान किया। जिससे श्रमिकों को अपनी मेहनत का मेहनताना कार्यस्थल पर ही मिला और उन्हें कही जाने की जरूरत नहीं पड़ी।




लॉक डाउन के बीच बैंक सखियों ने अपने कार्य को जिम्मेदारी समझते हुए लोगों के घर तक पहुंचकर जरूरतमंदों को वित्तीय मदद पहुंचायी है। लॉक डाउन में घर में रहने की बंदिश और नियमों के पालन की अनिवार्यता के बीच पैसों की किल्लत से जुझ रहे लोगों तक उनकी राशि पहुंचाने जैसा बड़ा व महत्वपूर्ण कार्य किया है। कई लोगों के लिए तो घर बैठे पैसे मिलना इस मुश्किल घड़ी में संजीवनी साबित हुआ है।




मिली जानकारी अनुसार 25 मार्च से अब तक रायगढ़ जिले में 137 बैंक सखियों ने 56 हजार 371 ट्रांजेक्शन करते हुए कुल 7 करोड़ 87 लाख 83 हजार 457 रुपए का भुगतान किया है।



Popular posts
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उप सचिव के घर आयकर विभाग की रैड, निकला 100 करोड़ कैश व 25 किलो सोना
Image
कोरोना से निपटने मध्यप्रदेश सरकार आयुर्वेदिक काढ़े के भरोसे, काढ़े के ( प्रचार ) पैकेट पर शिवराज की तस्वीर
Image
नागदा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पीपीई किट का किया वितरण, योद्धाओं के कार्य की प्रशंसा की उत्साह बढ़ाया
Image
गौतस्करी मालथौन पुलिस ने मारुति कंट्रेनर ट्रक से सौ से ज्यादा पशुओं को कटने से बचाया
Image
सर्वब्राह्मण समाज मंदिरो के पुजारी और कर्मकाण्डी ब्राह्मण परिवार को राशन सामग्री भेट कर आराध्य देव भगवान परशुराम जन्मोत्सव की मंगल शुभकामनाये देगा
Image